एसएमसी की बैठक में नई शिक्षा नीति पर चर्चा

फरीदाबाद ! राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एन एच तीन फरीदाबाद में शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा के मार्गदर्शन में नई शिक्षा नीति के संदर्भ में एस एम सी अर्थात विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक का आयोजन किया गया। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने विद्यालय प्रबंधन समिति के प्रधान दिलीप कुमार, अन्य सदस्यों, श्रीमती ललिता, पूनम, अमृत कौर, कविता, गीता, संजय मिश्रा, प्रेमदेव, सूबे सिंह सहित का स्वागत किया और नई शिक्षा नीति पर अपने सुझाव और विचार रखने के लिए आमंत्रित किया।

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दिलीप कुमार तथा प्रबंधन समिति के सदस्यों और वरिष्ठ अध्यापकों ने नई शिक्षा नीति की विशेषताओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वर्तमान नीति अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट पर आधारित है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात को 100% लाने का लक्ष्य रखा गया है। नई शिक्षा नीति के अंतर्गत केंद्र व राज्य सरकार के सहयोग से शिक्षा क्षेत्र पर जीडीपी के 6% हिस्से के सार्वजनिक व्यय का लक्ष्य रखा गया है।

प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने बताया कि नई शिक्षा नीति में 5 + 3 + 3 + 4 डिज़ाइन वाले शैक्षणिक संरचना का प्रस्ताव किया गया है जो 3 से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल करता है। पाँच वर्ष की फाउंडेशनल स्टेज 3 साल का प्री-प्राइमरी स्कूल और ग्रेड 1, 2 एवम् तीन वर्ष का प्रीपेट्रेरी स्टेज तीन वर्ष का मध्य या उच्च प्राथमिक चरण – ग्रेड 6, 7, 8 और 4 वर्ष का उच्च या माध्यमिक चरण – ग्रेड नेप 2020 द्वारा ‘बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान पर एक राष्ट्रीय मिशन’  की स्थापना का प्रस्ताव किया गया है। प्राचार्य रविन्द्र कुमार मनचन्दा ने कहा कि इसके द्वारा वर्ष 2025 तक कक्षा-3 स्तर तक के बच्चों के लिये आधारभूत कौशल सुनिश्चित किया जाएगा। नई शिक्षा नीति में भाषाई विविधता का संरक्षण भी किया गया है तथा कक्षा-5 तक की शिक्षा में मातृभाषा या स्थानीय या क्षेत्रीय भाषा को अध्ययन के माध्यम के रूप में अपनाने पर बल दिया गया है। साथ ही इस नीति में मातृभाषा को कक्षा-8 और आगे की शिक्षा के लिये प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है। स्कूली और उच्च शिक्षा में छात्रों के लिये संस्कृत और अन्य प्राचीन भारतीय भाषाओं का विकल्प उपलब्ध होगा परंतु किसी भी छात्र पर भाषा के चुनाव की कोई बाध्यता नहीं होगी।

प्राचार्य ने विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया तथा सभी से आग्रह किया कि माननीय प्रधान मंत्री के आह्वान पर सभी नई शिक्षा नीति को सफल बनाने की दिशा में मिलकर आगे बढ़ कर कार्य करें।

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