गरीब के घर तेल नहीं, सरकार बांट रही दीये — जनता की मूलभूत जरूरतों पर खर्च हो सरकारी पैसा : रविंद्र फौजदार

फरीदाबाद 17 सितंबर। आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष रविंद्र फौजदार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा चलाए जा रहे “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस आयोजन पर कितना सरकारी धन खर्च किया जा रहा है और इस खर्च का जनहित से सीधा संबंध क्या है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के माध्यम से बड़ी संख्या में दीये आम जनता तक पहुंचाए जा रहे हैं। यदि इन दीयों की खरीद और वितरण पर सरकारी धन खर्च हो रहा है, तो सरकार को इसका पूरा विवरण सार्वजनिक करना चाहिए। सवाल किसी व्यक्ति के जन्मदिन या उनके प्रति सम्मान का नहीं है, सवाल जनता के पैसे की प्राथमिकता का है।

रविंद्र फौजदार ने कहा, “दीया बांटने से पहले सरकार यह भी सोचे कि गरीब उस दीये में तेल कहां से डालेगा? जिस खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की पहली जिम्मेदारी जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक खाद्य सामग्री पहुंचाना है, उसी विभाग के संसाधनों का इस्तेमाल यदि ऐसे आयोजनों के लिए किया जा रहा है तो जनता को उसका हिसाब जानने का अधिकार है।”

उन्होंने कहा कि सरकार यदि वास्तव में गरीब परिवारों के घर रोशन करना चाहती है तो सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत करे। जरूरतमंद परिवारों को पर्याप्त अनाज, दाल और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी जाए। गरीब परिवार के लिए प्रतीकात्मक दीये से अधिक महत्वपूर्ण उसकी रसोई का चूल्हा है।

फौजदार ने कहा, “हमारी मांग बहुत सीधी है—दीया बाद में दीजिए, पहले गरीब के घर का चूल्हा जलाइए। जिस पैसे से प्रतीकात्मक कार्यक्रम किए जा रहे हैं, उसका अधिकतम उपयोग गरीब परिवारों की वास्तविक जरूरतें पूरी करने में होना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जन्मदिन किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ता और समर्थक अपनी इच्छा और अपने संसाधनों से मनाएं, इसमें किसी को आपत्ति नहीं हो सकती। लेकिन यदि सरकारी विभाग, सरकारी कर्मचारी और सरकारी संसाधन किसी राजनीतिक व्यक्तित्व से जुड़े उत्सव में लगाए जाते हैं, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि खर्च कितना है, किस मद से हुआ और इसके लिए क्या प्रशासनिक स्वीकृति ली गई।

रविंद्र फौजदार ने कहा कि “देश और प्रदेश की सरकार का पहला दायित्व किसी नेता का महिमामंडन नहीं, बल्कि आम नागरिक की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। सरकार ऐसी व्यवस्था बनाए कि गरीब को राशन, दाल और खाद्य तेल के लिए परेशान न होना पड़े। गरीब का घर उसकी रसोई से रोशन होगा, केवल दीया बांट देने से नहीं।”

आम आदमी पार्टी ने मांग की कि “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम पर होने वाले सरकारी खर्च का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक किया जाए तथा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग यह बताए कि इस अभियान में दीयों की खरीद, परिवहन और वितरण पर कुल कितनी सरकारी राशि खर्च की गई है।

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