इस्कॉन सेक्टर-37 में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई राधाष्टमी

फरीदाबाद : इस्कॉन मंदिर, सेक्टर-37, फरीदाबाद में श्रीमती राधारानी के प्राकट्य दिवस राधाष्टमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर राधा-कृष्ण के दर्शन किए तथा कीर्तन, कथा और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

गौड़ीय वैष्णव परंपरा के अनुसार, श्रीमती राधारानी भगवान श्रीकृष्ण की आंतरिक आध्यात्मिक शक्ति हैं और श्रीकृष्ण से अभिन्न हैं। वे सदैव श्रीकृष्ण की प्रेममयी सेवा में संलग्न रहती हैं और शुद्ध भक्ति तथा निष्काम प्रेम का सर्वोच्च स्वरूप मानी जाती हैं। श्रीकृष्ण की सेवा की अधिष्ठात्री होने के कारण भक्त राधारानी से प्रार्थना करते हैं कि वे उन्हें भी श्रीकृष्ण की प्रेममयी सेवा का अवसर प्रदान करें।

राधाष्टमी समारोह का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से हुआ। इसके बाद सुबह 7:30 बजे दर्शन आरती एवं गुरु पूजा का आयोजन किया गया। तत्पश्चात इस्कॉन ईस्ट ऑफ कैलाश मंदिर के अध्यक्ष मोहन रूप प्रभु ने राधारानी के प्राकट्य और उनकी भक्ति-महिमा पर कथा प्रस्तुत की।

कथा के बाद भक्तों ने उत्साहपूर्वक हरे कृष्ण महामंत्र का संकीर्तन किया। इसके पश्चात भगवान के लिए भोग अर्पित किया गया तथा श्री राधा-कृष्ण का विशेष अभिषेक संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया गया।

इस अवसर पर इस्कॉन फरीदाबाद मंदिर के अध्यक्ष गोपीश्वर दास ने कहा कि राधाष्टमी भक्तों के लिए श्रीमती राधारानी की महान भक्ति, प्रेम और श्रीकृष्ण की सेवा के प्रति उनके समर्पण को स्मरण करने का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का उत्सव और भी विशेष है क्योंकि इस्कॉन अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। छह दशकों में इस्कॉन ने श्रील ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के मार्गदर्शन में विश्वभर में श्रीकृष्ण भक्ति और भगवद्गीता के संदेश को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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