प्रदूषण खत्म करने के लिए ई-रिक्शा चलाई जायेगी : मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 14 दिसंबर। गुरुग्राम जिला की कष्ट निवारण समिति की बैठक लेते हुए स्वतंत्रतासेनानी हाल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रदूषण को खत्म करने के लिए जल्द ही गुरुग्राम में डीजल ऑटो की जगह ई-रिक्शा चलाई जायेगी! मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण को कम करने के लिए डीजल ऑटो को सडक़ों से हटाना जरूरी है परंतु ऐसा करते वक्त उन ऑटो चालकों के रोजगार के बारे में भी उपाय करने होंगे क्यों की ऑटो रिक्शा वालों की रोजी रोटी का सवाल है, इसलिए किसी का अहित नहीं होना चाहिए! उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति इस समय ऑटो चला रहे हैं और उनके ऑटो अधिक पुराने है तो उनके स्थान पर उन्हें ई-रिक्शा लेने में मदद की जा सकती है! ई-रिक्शा की योजना पर मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि अभी लगभग पांच हजार डीजल ऑटो को ई-रिक्शा में तब्दील करने की योजना है जिसमें पहले चरण के तहत 500 ई-रिक्शा बायबैक की स्कीम के तहत चलाये जायेंगे और बाकी ई-रिक्शा इसके बाद अलग-अलग चरणों में चलाये जायेंगे! ई-रिक्शा चलाने की इस योजना का मुख्य उद्देश्य गुरुग्राम की सडक़ों पर से प्रदूषण कम करना है! सरकारी आंकड़ों के अनुसार गुरुग्राम शहर में 11 हजार से ज्यादा डीजल ऑटो चल रहे हैं!
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में इसके बाद सेक्टर 29 स्थित लेजरवैली पार्क का मुद्दा उठा! शिकायत थी कि पार्क के बाहर पार्किंग का गैरकानूनी ढंग से इस्तेमाल करते हुए कोई ठेकेदार शादियों के लिए किराये पर देकर टैंट लगवाता है! इस शिकायत के एवज में मुख्यमंत्री महोदय ने आदेश दिए कि टैंट लगाने वाले का सामान कब्जे में किया जाये व इस मामले में पुलिस की मदद ली जाये और कोर्ट में चल रहे स्टे के केस की कार्यवाही को जीएमडीए देखे क्यों कि इस पार्क की जिम्मेवारी अब एचएसवीपी से जीएमडीए को आ गई है! इस पार्क का नाम बदल कर अब महाराणा प्रताप पार्क रख दिया गया है! इसी पार्क की पार्किंग के संबंध में एक शिकायत और आयी कि पार्किंग में लगभग 29 की संख्या में बसें खड़ी करके उनमें खाने-पीने के सामान बेचने के एवज में ठेकेदार सरकारी अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अतिक्रमण कर रहे हैं! इस मामले में भी सख्ती से कार्यवाही करने के आदेश दिए गये! इसके बाद पटेल नगर में बिजली की हाईटेंशन तारों का मुद्दा उठा! शिकायत थी कि घरों पर से हाईटेंशन तारों के गुजरने की वजह से करंट लगने के कारण कई लोग मारे गए तो इन को हटाया जाये! पार्षद सुभाष सिंगला ने तारों की वजह से मरने वालों की संख्या 70–80 बताई जो कि गलत मानी गई! इस मामले में अधिकारीयों ने मुख्यमंत्री को बताया कि बिजली की जो दो तारें नीचे जा रही है उनमें करंट नहीं है और ऊपर वाली तीसरी तार में करंट है! मामला खुलने पर मालूम हुआ कि निचली तारें लगभग 30 साल पहले की हैं और लगभग 250 मकान जो इन तारों के नीचे आते हैं उन मकान वालों ने ऊपर की मंजिलों का निर्माण बगैर नक्शा पास कराये बाद में किया है! इस जानकारी के बाद मुख्यमंत्री ने इस मामले में एक जाँच कमेटी नियुक्त करने का आदेश दे दिया!
बैठक में इसके बाद शहर में एक ऑटो मार्किट बनाने की बात उठी तो बताया गया कि इस विषय पर कार्यवाही चल रही है! इसी मामले में बताया गया कि अभी जिस स्थान पर ट्रांसपोर्ट की गाडिय़ां खड़ी की जाती हैं वहां पुलिस पैसे वसूलती है! पुलिस के प्रति लोगों में नाराजगी थी! सेक्टर 52 में एक फूल मंडी बनाये जाने की योजना के बारे में बताया गया! बैठक में कुल 12 शिकायतें आयी थी जिनमें 8 का निपटारा कर दिया गया! चार शिकायतें जाँच के लिए रखी गई! मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट तौर पर संकेत दिए कि गलत काम करने वालों को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा!
ई-रिक्शा के मामले में जब ई-रिक्शा आपरेटर एसोसिएशन के गुरुग्राम जिला महासचिव राजेंद्र सरोहा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महोदय गुरुग्राम की समस्याओं को ठीक करने के मामले में काफी चिंतित है! इसी बात को लेकर प्रदूषण को खत्म करने के लिए डीजल ऑटो की जगह ई-रिक्शा को चलाने की शुरुआत की जा रही है! आगे उन्होंने बताया कि डीजल ऑटो के मालिक व ड्राइवर ई-रिक्शा चलाने वालों को धमकाते हैं व मारपीट कर सवारी उतारकर अपने डीजल ऑटो में बिठा लेते हैं! इस बारे में पुलिस को शिकायत की गई परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई!



