स्मार्ट सिटी के पैसे से केंद्रीय मंत्री के घर के सामने बनी प्रदेश की सबसे महंगी सड़क, अब फाइल भी गायब : पूर्व विधायक नीरज शर्मा

17 साल पुरानी सड़क ठीक, तो स्मार्ट सिटी की नई सड़कों में क्यों हुआ घोटाला? पूर्व विधायक का सवाल !

  • ठेकेदार फाइल लेकर भागा या अधिकारियों ने मिलीभगत कर गायब करवाई? दर्ज हो FIR !

फरीदाबाद । फरीदाबाद में आयोजित ‘दिशा’ की बैठक में केंद्रीय मंत्री द्वारा दिए गए बयान पर पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। श्री शर्मा ने कहा कि मंत्री जी कांग्रेस कार्यकाल में 17 साल पुरानी सड़क का हवाला दे रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी बताना चाहिए कि उनके घर के साथ सामने बनी ‘स्मार्ट सिटी’ की सड़क में कितना बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।

जनता के पैसे का दुरुपयोग
पूर्व विधायक नीरज शर्मा ने कहा कि स्मार्ट सिटी का बजट पूरे जिले के विकास के लिए आवंटित किया गया था, न कि केवल मंत्री जी के घर के सामने वाली सड़क को प्रदेश की सबसे महंगी सड़क बनाने के लिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 17 साल पहले बनी सड़कें आज भी दुरुस्त हैं, तो करोड़ों की लागत से हाल ही में बनी स्मार्ट सिटी की सड़कें क्यों टूटने लगी हैं? यह सीधे तौर पर घटिया निर्माण सामग्री और भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

गायब फाइल पर उठाए सवाल
मामले में नया मोड़ तब आया जब यह जानकारी सामने आई कि उक्त सड़क के निर्माण से संबंधित महत्वपूर्ण फाइल ठेकेदार लेकर फरार हो गया है। इस पर श्री शर्मा ने प्रशासन को घेरते हुए कहा, “सरकारी विभाग में हर फाइल के आने-जाने का रिकॉर्ड ‘मूवमेंट रजिस्टर’ में दर्ज होता है। कोई भी फाइल बिना किसी जिम्मेदार अधिकारी की अनुमति के विभाग से बाहर नहीं जा सकती। फाइल का ठेकेदार के पास होना ही अपने आप में एक बड़ा अपराध है।”

अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
नीरज शर्मा ने मांग की है कि इस मामले में लीपापोती करने के बजाय, सबसे पहले उस अधिकारी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जानी चाहिए जिसके पास वह फाइल आखिरी बार थी। उन्होंने कहा कि फाइल का गायब होना यह दर्शाता है कि घोटाले की परतें बहुत गहरी हैं और सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।

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