11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मिलेंगे टैबलेट : सीएम मनोहर लाल

हरियाणा : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रदेशभर के 11वीं और 12वीं कक्षा के साढ़े चार लाख विद्यार्थियों को आगामी सत्र से टैबलेट दिए जाएंगे। पहली बार 36 हजार अध्यापक भी टैब से लाभान्वित होंगे। सरकार ने 560 करोड़ रुपये की लागत से 5 लाख टैबलेट खरीदने का फैसला लिया है। इसके अलावा शीघ्र ही किसानों को 15 हजार ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किए जाएंगे।

इसके लिए 350 करोड़ से बिजली उपकरण खरीदे जाएंगे। मंगलवार को हरियाणा निवास में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिए गए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में कुल 23 एजेंडे रखे गए, जिसमें लगभग एक हजार करोड़ रुपये की परचेज से संबंधित फैसले लिए।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि किसानों को जल्द ट्यूबवेल कनेक्शन देने के लिए कनेक्शन के लिए वायर, ट्रांसफार्मर व अन्य उपकरणों की खरीद की जाएगी। इससे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम से जुड़े हजारों किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि हमने नेगोशिएट करके कम से कम रेट में खरीद की है। एमएसएमई को भी बुलाया है और 50 प्रतिशत समान उनसे खरीदा जाता है। इस बैठक में मंत्रियों समेत एसीएस संजीव कौशल, पीके दास, देवेंद्र सिंह, टीवीएसएन प्रसाद, डॉ. महावीर सिंह, डॉ. सुमिता मिश्रा, प्रधान सचिव श्री अपूर्व कुमार सिंह, विजेंद्र कुमार मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के राजस्व को बचाना हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक का मुख्य मकसद होता है। परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, शिक्षा मंत्री कंवरपाल और श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री अनूप धानक कमेटी के स्थाई सदस्य हैं। मुख्य सचिव, निदेशक आपूर्ति और निपटान व संबंधित विभाग के एसीएस भी सदस्य होते हैं। जिस भी सामान की खरीद करनी होती है, उसका टेंडर भरने वाले व्यक्ति से आमने-सामने बैठकर बातचीत करके निर्णय लिया जाता है। इस ओपन खरीद प्रक्रिया से पारदर्शिता आती है और राजस्व भी बचाया जाता है। खरीद में हरियाणा से जुड़े लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों को प्राथमिकता दी जाती है।

अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी टैब देने की योजना, पास होने पर लौटाने होंगे : सरकार ने पहले 8वीं कक्षा से टैबलेट देने की घोषणा की थी। शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने बताया कि 11वीं 12वीं कक्षा के विद्यार्थी मैच्योर होते हैं। अगर इन पर यह प्रयोग सफल रहा तो अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी टैब देंगे। 12वीं कक्षा पास करने के बाद विद्यार्थियों को इसे वापस स्कूल को लौटाना होगा।

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