महाराष्ट्र में एक तो झारखंड में दो चरणों में मतदान, 23 नवंबर को आएंगे नतीजे

चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में 20 नवंबर को एक चरण में मतदान होगा। वहीं 23 नवंबर को चुनाव के नतीजों का एलान कर दिया जाएगा। वहीं झारखंड में 13 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा।

झारखंड विधानसभा चुनाव का शेड्यूल

पहला चरण
अधिसूचना: 18 अक्तूबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 25 अक्तूबर
नामांकन पत्रों की जांच: 28 अक्तूबर
नाम वापसी: 30 अक्तूबर
मतदान: 13 नवंबर
मतगणना: 23 नवंबर

दूसरा चरण
अधिसूचना: 22 अक्तूबर
नामांकन की आखिरी तारीख: 29 अक्तूबर
नामांकन पत्रों की जांच: 30 अक्तूबर
नाम वापसी: 1 नवंबर
मतदान: 20 नवंबर
मतगणना: 20 नवंबर

महाराष्ट्र में एक चरण में चुनाव होंगे। 22 अक्तूब को नोटिफिकेशन होंगे और आखिरी तारीख 29 अक्तूबर है। नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 4 नवंबर है। वहीं मतगणना की तारीख 20 नवंबर को होगी। मतगणना की तारीख 23 नवंबर है।

उम्मीद है कि मतदाता अपने पोलिंग स्टेशन पर किसी भी गड़बड़ी के बारे में बताएंगे और जितने भी अपराधी है, उन्हें अपनी सूचना देनी होगी। झारखंड और महाराष्ट्र में जो बैठकें की हैं, उनमें डीओ को सख्त हिदायत है कि वे निष्पक्ष चुनाव कराएंगे और प्लेइंग लेवल फील्ड देंगे। अगर किसी की शिकायत मिली तो हम उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। किसी भी तरीके का प्रलोभन पर भी पूरी निगरानी रहेगी। सभी एयरपोर्ट और चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। विभिन्न विभागों की संयुक्त टीमें बनाने का निर्देश दिए गए हैं ताकि 24 घंटे चेकिंग की जा सके, लेकिन आम आदमी को इससे कोई परेशानी न होने की हिदायत दी गई है।

झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 5 जनवरी 2025 को खत्म हो रहा है। यहां 2.6 करोड़ मतदाता होंगे। इनमें 1.29 करोड़ महिलाएं और 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता होंगे। यहां युवा मतदाताओं की संख्या 66.84 लाख और पहली बार मतदान करने वालों की संख्या 11.84 लाख होगी। झारखंड में 29,562 मतदान केंद्र होंगे। कतारों के बीच में थोड़ी कुर्सियां या बेंच लगाई जाएंगी ताकि अपनी बारी का इंतजार कर रहे मतदाता थोड़ी-थोड़ी देर में बैठ सकें। ये व्यवस्था हर मतदान केंद्र पर मिलेगी।

महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को खत्म हो रहा है। महाराष्ट्र में 9.63 करोड़ मतदाता होंगे। 4.97 करोड़ पुरुष और 4.66 करोड़ महिला मतदाता होंगी। 1.85 करोड़ युवा मतदाता होंगे। पहली बार मतदान करने वाली संख्या 20.93 लाख होगी। राज्य में इस बार 1,00,186 मतदान केंद्र होंगे।

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की घोषणा से पहले कई तरह के खतरे थे। आतंकी हमले बढ़ रहे थे। कई लोग सवाल उठा रहे थे कि वहां चुनाव आयोग मतदान करा पाएगा या नहीं। तब हमने घोषणा के समय यह वादा किया था कि नापाक इरादों की शिकस्त दुनिया देखेगी। यह कहानी पूरी दुनिया ने देखी। न एक लाठी चली, न एक गोली चली। आप लोग इस बात के गवाह हैं। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा के मतदाता इसके लिए बधाई के पात्र हैं।

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