फरीदाबाद के सरकारी डॉक्टरों को दिल्ली की तर्ज पर चाहिए सुविधा, काली पट्टी बांध भाजपा सरकार का किया विरोध : संतोष यादव

फरीदाबाद। कोरोना जैसी महामारी में जनता सरकारी जनसुविधा न मिलने से परेशान तो है ही प्रसाशन के लोग भी भाजपा से दुखी हैं, यह कहना है आम आदमी पार्टी के एनआईटी 86 विधानसभा के पूर्व प्रत्यासी संतोष यादव का। यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपनी सारी जिम्मेदारी प्रसाशन पर थोप दी है और जनता के प्रतिनिधियों को उद्योगपति और सामाजिक संगठन से उगाही करने में लगा दिया है। ऐसे वक्त भाजपा सरकार कोई भी जनसुविधा गरीब तबके तक नहीं दे रही है और न ही कोई राशि दे रही है। कोरोना जैसी महामारी में भगवान बने डॉक्टर को भी जो कोरोना के इलाज में लगे है उन्हें मास्क और पीपी किट और सुरक्षा संबंधी कोई सुविधा भाजपा सरकार नहीं दे रही है, बस जनता का पैसा विदेशियों की मदद और विज्ञापन में खर्च कर रही है।
संतोष यादव ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ईएसआई अस्पताल श्रमिकों के इलाज के लिए बनाया गया है और श्रमिको की तनख्वाह से हर महीने के पैसे काटकर ईएसआई भरी जाती है लेकिन जब तक कोरोना जैसी महामारी है सरकार ने अन्य इलाज पर रोक लगा दी है। अगर किसी श्रमिक के परिवार में कोई परेशानी हो जाये तो मुश्किल हो जाएगा। इस समय ईएसआई अस्पताल में कोरोना के इलाज के लिए 510 बेड का इंतजाम किया गया है लेकिन डॉक्टरों की सुरक्षा का कोई इंतजाम भाजपा सरकार ने नहीं किया है, जिससे डॉक्टर और नर्सों में भी संक्रमण फैलने का खतरा है। जबकि कोरोना का इलाज करने वालों को दिल्ली सरकार ने सभी सुविधा के साथ ही रहने के लिए फाइव स्टार होटलों में सुविधा की है और इसलिये भाजपा शाषित एम्स अस्पताल से लेकर सभी राज्य के डॉक्टर दिल्ली जैसी सुविधा चाहते हैं। फरीदाबाद के डॉक्टर भी दिल्ली सरकार जैसी सुविधा के लिए काली पट्टी बांधकर भाजपा सरकार का विरोध कर रहे हैं।
आप नेता संतोष यादव ने कहा कि फरीदाबाद में पुलिस आयुक्त के. के. राव और उपायुक्त यशपाल यादव कोरोना जैसी महामारी को हराने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं जिनके जज्बे को सेल्यूट करता हूं और हमारे डॉक्टरों को ऐसे वक्त काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध करना रोगियों को महंगा पड़ जायेगा। इस समय देश के एक-एक मरीज की जान कीमती है और ऐसे वक्त डॉक्टर को ताली और थाली बजाने से बात नहीं बनेगी, सरकार को इन्हें सभी सुविधा देनी चाहिए और दिल्ली की तर्ज पर एक करोड़ का इन्सयोरेन्स करना चाहिए।



