नाम बड़े दर्शन छोटे !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 24 दिसंबर। गुरुग्राम के नाम और काम पर जब भी कभी चर्चा चलती है तो एक वो वक्त याद आता है जब नाम तो गुडग़ांव था पर उस वक्त यहां पर देश की मशहूर आईटी कंपनियां अपने कार्यालय स्थापित करने लगी थी तो इस शहर का नाम साइबराना के तौर पर उस वक्त के मुख्यमंत्री औमप्रकाश चौटाला ने एक बातचीत के दौरान कहा था! उसके बाद वर्ष 2005 से 2014 तक प्रदेश में कांग्रेस सरकार रही और इसी दौरान गुडग़ांव में चारों तरफ तरक्की के पंख लगे! आज जो नया गुडग़ांव है उस की सारी तरक्की वर्ष 2005 से वर्ष 2014 के दौरान ही हुई है! इस बात में कोई भी शक की गुंजाइश नहीं है! चाहे सरकार किसी भी पार्टी रही हो परंतु आज नये गुडग़ांव में जो भी नजर आ रहा है उस का सब से बड़ा कारण है कि वर्ष 2005 से वर्ष 2014 के बीच के समय में अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों के द्वारा अपने कार्यालय स्थापित करना! अब यदि वर्ष 2014 से वर्ष 2019 के बीच का समय नये गुडग़ांव की तरक्की व विकास के बारे में देखा जाये तो तस्वीर ही कुछ और नजर आती है! नये गुडग़ांव के अधिकांश इलाके बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में आ चुके हैं और यही सब से बड़ा कारण है कि आज इस नए और आधुनिक रूप ले चुके गुडग़ांव के विकास व प्रगति के पहिये के रुक जाने का क्यों कि भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके यहां के पूर्व विधायक राव नरवीर के पास लोक निर्माण विभाग होने के बावजूद नये गुडग़ांव की सडक़ों की बहुत बुरी हालात है और प्रदूषित पेयजल व सीवर ओवरफ्लो की भारी समस्या है! इसी दौरान हरियाणा की भाजपा सरकार के द्वारा गुडग़ांव का नाम बदल कर गुरुग्राम रख दिया गया परंतु नाम बदलने के बावजूद गुडग़ांव का विकास नहीं हुआ व गुडग़ांव विनाश की ओर बढ़ता गया! आज पुराने व नये गुडग़ांव में सफाई व्यवस्था की हालात इतनी खराब हो गई कि अब लोग गुरुग्राम को कूड़ा ग्राम कहने लगे हैं और लोगों में अब चर्चा है कि गुरुग्राम और बादशाहपुर का नाम तो बड़ा है परंतु यहां की सफाई व्यवस्था की दुर्दशा देख कर लगता है कि यहां के दर्शन छोटे हैं! गुरु का ग्राम और बादशाह का पुर दोनों ही नाम बड़े हैं परंतु व्यवस्था यहां की विनाश की ओर ले कर जा रही है!
चलिए! अब जरा बात करते हैं यहां के नये विधायक राकेश दौलताबाद की! बादशाहपुर के नये विधायक महोदय ने नये गुडग़ांव की बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं के निवारण के लिए जो सभी सेक्टरों की आरडब्लूए का सम्मेलन बुलाया वो एक किस्म से सरकारी तौर तरीकों पर ही था जब कि नये गुडग़ांव की जनता ने भाजपा सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ वोट दे कर आजाद उम्मीदवार के तौर पर राकेश दौलताबाद को अपना विधायक बनाया! नये गुडग़ांव के अधिकांश सेक्टरों में बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है! इस सम्मेलन में केवल सरकार के कामों का डिजिटल प्रजेंटेशन दिखाया गया और जो कुछ लोग नगर निगम व विधायक के साथ लग कर अपनी दुकानदारी करना चाह रहे हैं उन्हीं को प्रजेंटेशन देने का मौका दिया गया जब कि इस सम्मेलन में सेक्टरों के लोगों की समस्याओं का समाधान निकाला जाना चाहिए था! ऐसा नहीं किया गया! सम्मेलन में नगर निगम के पार्षदों व मेयर को नहीं बुलाया गया जो कि विधायक की तरफ से की गई बड़ी भारी गलती है! बादशाहपुर का विधायक होने पर यदि सम्मेलन सभी सेक्टरों की आरडब्लूए का बुलाया जाता है तो सभी पार्षद व मेयर तथा गुरुग्राम के विधायक को भी बुलाया जाना चाहिए था!
सम्मेलन के बाद जब कुछ लोगों से बातचीत की गई तो सेक्टर 10 के कुछ लोगों ने बताया कि हमारे सेक्टर में जबरदस्त गंदगी पड़ी रहती है व सेक्टर की आरडब्लूए में भी जबरदस्त भ्रष्टाचार है! उन की शिकायत थी कि इस सम्मेलन में उन की कोई शिकायत नहीं सुनी गई व यह सम्मेलन केवल लोगों को गुमराह करने वाला साबित हुआ तथा यहां के विधायक ने केवल सरकार की जीहजूरी का ही नाटक रचा!
बादशाहपुर विधानसभा के ही सेक्टर 23 ए की आरडब्लूए के अध्यक्ष मलखान सिंह यादव से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस सेक्टर में आईटीएम कॉलेज के पास सरकारी जमीन में कूड़े कर्कट के ढ़ेर लगातार काफी समय से लगते रहते है! इस बारे में कई बार शिकायत की गई परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई! उनका कहना है कि इस सरकारी जमीन से इस डंपिंग स्थान को खत्म कर के यहां पर सेक्टर के लोगों के लिए जिमखाना क्लब बना दिया जाये!
इसी सेक्टर 23 ए की आरडब्लूए के महासचिव भवानीशंकर से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि सेक्टर एरिया में कई बार पेयजल बहुत ही दूषित आता है व सीवर ओवरफ्लो की समस्या भी काफी रहती है! भवानीशंकर का कहना है कि पुरानी सीवर पाईप लाईन को बदला जाये क्यों कि पुरानी सीवर लाइन 8 इंच की है और अब आबादी बढऩे के हिसाब से लगभग 12 से 16 इंच की सीवर लाइन डाली जाये तो सीवर ओवरफ्लो की समस्या खत्म हो सकती है! इसी प्रकार पेयजल की पाइप लाइन भी आज की आबादी के हिसाब से बदलनी होगी! बादशाहपुर के नये गुडग़ांव के सभी सेक्टरों में अनगनित समस्याएं हैं! जब इन समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान किया जायेगा तभी यहां का नाम बड़ा साबित होगा!



