लॉकडाउन धीरे धीरे खोल दिया जाये !

गुरुग्राम (मदन लाहौरिया) 29 मार्च। इस वक्त हरियाणा प्रदेश समेत पूरे देश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 14 अप्रैल तक लॉक डाउन है! देश के करोड़ों की संख्या में गरीब लोगों को इस दौरान काफी तकलीफ हो रही है! लॉक डाउन के बाद लोगों की परेशानी काफी हद तक रोजाना बढ़ती जा रही है! लाखों की संख्या में कर्मचारियों व मजदूर लोगों के पास न तो खाने को राशन है और ना ही पैसे!

लॉक डाउन के चलते भूख व प्यास से तडफ़ते हुए गलियों में रहने वाले कुत्तों तथा पशुओं की हालात बहुत खराब होती जा रही है व इन बेजुबान जानवरों का व्यवहार भी बदलता जा रहा है तथा इन बेजुबान जानवरों की भी भोजन की व्यवस्था भी की जानी चाहिये! लॉक डाउन के चलते घरों में बंद लोगों के बीच आपसी झगड़े बढ़ रहे हैं! धन के अभाव में पारिवारिक हिंसा के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है! अप्रैल के पहले हफ़्ते में लोगों की आर्थिक स्थिति के बहुत बदतर होने की पूरी-पूरी संभावना बनती जा रही है!

वेतन को लेकर कर्मचारी और कारोबारी बेहद चिंतित है! व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के बीच वेतन की समस्या को ले कर विवाद बढ़ सकते हैं! अप्रैल की शुरुआत में ही दुकानों पर जरूरी सामान की किल्लत होने की पूरी संभावना बनी हुई है! विदेशी कंपनियों का काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी नौकरी जाने का पूरा पूरा खतरा पैदा हो गया है क्यों कि पूरी दुनिया ही मंदी की गिरफ़्त में आ गई है!

प्रदेश के शहरों में राशन का स्टॉक खत्म होने की संभावना बनी हुई है! बिजली पानी की आपूर्ति पर भी संकट की आशंका है! किसानों को अपने खेतों पर जाना भी दूभर हो रहा है! देश के कई राज्यों में पलायन की बड़ी समस्या पैदा हो गयी है! गरीबों व कामगार लोगों की दो वक्त की रोटी का जुगाड़ भारी संकट में है! इसलिए गरीब व मजदूर लोग बस और ट्रेन बंद होने के कारण पैदल ही सैंकड़ों मील अपने घर की ओर निकल पड़े हैं! ये गरीब लोग पुलिस प्रशासन से मदद के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं परंतु पुलिस से मदद की जगह डंडों की मार ही मिल रही है! इन मजदूरों का कहना है कि वे अपने ही घर में सुरक्षित हैं!

घर जाने के लिए दिल्ली बार्डर पर चारों तरफ से हजारों से लेकर लाखों की संख्या में इन गरीब कामगार लोगों की भारी भीड़ उमड़ी हुई है! लॉक डाउन के चलते आम साधारण जनता का गुस्सा ज्वालामुखी की तरह फटने को तैयार बैठा है! लॉक डाउन की वजह से पैदल घर लौट रहे गरीब कामगारों व मजदूरों की बेबसी के लिए केंद्रीय सरकार पूर्णतया जिम्मेवार है! इन सब कारणों को देखते हुए अप्रैल के पहले हफ़्ते से ही धीरे-धीरे लॉक डाउन खोलना शुरू कर दिया जाये!

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